Shri Tartam Sagar byBANTI KRISHNA PRANAMI •Monday, April 13, 2020 श्रीसाथनो प्रबोध-राग धन्यासरी संभारो साथ, अवसर आव्यो छे हाथजी। आप नाख्या जेम पहेले फेरे, वली नाखजो एम निघातजी।।१ इन्द्रावती कहती है, हे सुन्दरसाथ जी ! स्मरण करो, हमें तीसरे ब्रह्माण्डमें पहुँ…